चरण- II, बैच-III

देश में वीजीएफ मोड के माध्यम से ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लिए एमएनआरई योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए एससीआई को नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। चरण-द्वितीय जेएनएनएसएम के बैच-तृतीय के तहत, इसे 2000 मेगावाट की कुल सौर पी.वी. क्षमता जोड़ने की परिकल्पना की गई है।
 
राज्य के विशिष्ट वीजीएफ स्कीम के तहत 2000 मेगावाट की सौर परियोजनाओं को विभिन्न राज्यों के सौर पार्कों में स्थापित किया जाएगा, जो कि केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से विकसित किया जाएगा। चूंकि हाल ही में सौर पार्कों का क्रियान्वयन शुरू हो चुका है, संभव हो सकता है कि कुछ राज्यों में सौर पार्क जल्द ही उपलब्ध न हों। ऐसे राज्यों के लिए, सौर परियोजनाओं को राज्य सरकार द्वारा या तो सौर ऊर्जा डेवलपर्स (एसपीडी) द्वारा आयोजित जमीन के साथ सौर पार्क के बाहर स्थित होने की अनुमति दी जाएगी।
 
2000 मेगावाट की कुल क्षमता से 250 मेगावाट की क्षमता घरेलू सामग्री की आवश्यकता (डीसीआर) के साथ बोली लगाने के लिए निर्धारित की जाएगी।
 
 
चरण-II, बैच-III: जारी किए गए दस्‍तावेजों/अधिसूचनाओं का अभिलेख

दस्तावेज़ / इवेंट

दस्तावेज़ / ईवेंट आयोजित करने की तिथि

जेएनएनएसएम चरण-II, बैच-तृतीय के तहत उत्तर प्रदेश (गैर सोलर पार्क) में 160 मेगावाट की परियोजनाओं के लिए ई-आरए के परिणाम

 

08.08.2016

जेएनएनएसएम चरण-द्वितीय, बैच-तृतीय के तहत कर्नाटक में 1000 मेगावाट परियोजनाओं के लिए ई-आरए के परिणाम

 

08.06.2016

छत्तीसगढ़ में जेएनएनएसएम चरण -2 के तहत 100 मेगावाट परियोजनाओं के लिए ई-आरए के परिणाम, बैच-तृतीय

 

02.06.2016

 

अंतिम। जेएनएनएसएम पीएच -2, बैच-तृतीय, ट्रांच-तृतीय के तहत महाराष्ट्र में भाग-बी के तहत 450 मेगावाट के लिए बोली खोलने और ई-रिवर्स एक्शन के परिणाम

 

06.04.2016

महाराष्ट्र में 500 मेगावाट सौर परियोजनाओं और गुजरात सोलर पार्क में 250 मेगावाट के लिए पूर्व बोली बैठक

 

06.10.2015

एमएनआरई अंतिम दिशानिर्देश

 

 

04.08.2015

वीजीएफ के माध्यम से 2000 मेगावाट ग्रिड से जुड़े सौर पीवी परियोजनाओं की स्थापना के लिए

सीसीईए के अनुमोदन

17.06.2015